Nishith Mehta

एक कश्ती का रोमांचक सफर आपको भी विविध अनुभवों से गुजरने के मौके दे सकता है; वह भी बिना कुछ कहे।
किसी शहर के नाले से बहकर गुजरते हुए फिर नदी में गिरना कश्ती के लिए उन देखे अनदेखे किरदारों से मिलने का अनुभव है जो अपने अपने इलाकों की पहचान हैं। नाले में प्लास्टिक की बॉटल के साथ हमजोली की तरह तिरते जाना, फिर मगरमच्छ की भूखी नज़रों का सामना करना और आगे जाकर समन्दर की लहरों के बीच ऑक्टोपस के विकराल शिकंजे में दमघोंटू पल बिताना, सब कुछ चित्रों में भी उतना ही सजीव और गहनता के साथ आया है।
विशाल समन्दर के अथाह पानी में ऑक्टोपस की चढ़ी हुई आँखें, लाल भूरा दहकता हुआ मांसल शरीर, और और उसकी भुजाओं में दबी हुई नन्हीं कश्ती देखकर आपको सिहरन हो जाए तो अचरज नहीं।
उठती लहरों के बीच बादलों से कड़कती बिजली की डोर पकड़कर कश्ती ने असामान की सैर भी उसी शिद्दत से की है जैसे नदी नाले का सफर काटा है। फिर पहाड़ से लुढ़कते हुए रेगिस्तान में रेत के टीले से फिसलना भी कश्ती का ही खेल है। लेकिन हवा में उड़कर पानी के सैलाब में फिर से आना और हिलते बहकते हुए तिरते रहना शायद अब कश्ती को रास नहीं आया है। इसलिए अपने पंख खोलकर कश्ती से हवाई जहाज बनते हुए खुले आसमान की सैर पर निकल जाना चाहती है हमेशा के लिए। कश्ती का यह सफर एक शब्दहीन कविता की माफिक है।
Title: कश्ती/Kashti
Illustrator: Nishith Mehta @nishith87
Publisher: Eklavya @eklavya_pitara
Year of publishing: 2020
Review by Anil @anil5622singh
#wordless #childrensbook #kidlit #booksforall #goodbooks #artofvisuals #storyinpictures #goodread #boats #paperboat #indianpublication #indianpublishers #eklavya #wordlessfriday #morethanwords

एक कश्ती का रोमांचक सफर आपको भी विविध अनुभवों से गुजरने के मौके दे सकता है; वह भी बिना कुछ कहे।
किसी शहर के नाले से बहकर गुजरते हुए फिर नदी में गिरना कश्ती के लिए उन देखे अनदेखे किरदारों से मिलने का अनुभव है जो अपने अपने इलाकों की पहचान हैं। नाले में प्लास्टिक की बॉटल के साथ हमजोली की तरह तिरते जाना, फिर मगरमच्छ की भूखी नज़रों का सामना करना और आगे जाकर समन्दर की लहरों के बीच ऑक्टोपस के विकराल शिकंजे में दमघोंटू पल बिताना, सब कुछ चित्रों में भी उतना ही सजीव और गहनता के साथ आया है।
विशाल समन्दर के अथाह पानी में ऑक्टोपस की चढ़ी हुई आँखें, लाल भूरा दहकता हुआ मांसल शरीर, और और उसकी भुजाओं में दबी हुई नन्हीं कश्ती देखकर आपको सिहरन हो जाए तो अचरज नहीं।
उठती लहरों के बीच बादलों से कड़कती बिजली की डोर पकड़कर कश्ती ने असामान की सैर भी उसी शिद्दत से की है जैसे नदी नाले का सफर काटा है। फिर पहाड़ से लुढ़कते हुए रेगिस्तान में रेत के टीले से फिसलना भी कश्ती का ही खेल है। लेकिन हवा में उड़कर पानी के सैलाब में फिर से आना और हिलते बहकते हुए तिरते रहना शायद अब कश्ती को रास नहीं आया है। इसलिए अपने पंख खोलकर कश्ती से हवाई जहाज बनते हुए खुले आसमान की सैर पर निकल जाना चाहती है हमेशा के लिए। कश्ती का यह सफर एक शब्दहीन कविता की माफिक है।
Title: कश्ती/Kashti
Illustrator: Nishith Mehta @nishith87
Publisher: Eklavya @eklavya_pitara
Year of publishing: 2020
Review by Anil @anil5622singh
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एक कश्ती का रोमांचक सफर आपको भी विविध अनुभवों से गुजरने के मौके दे सकता है; वह भी बिना कुछ कहे।
किसी शहर के नाले से बहकर गुजरते हुए फिर नदी में गिरना कश्ती के लिए उन देखे अनदेखे किरदारों से मिलने का अनुभव है जो अपने अपने इलाकों की पहचान हैं। नाले में प्लास्टिक की बॉटल के साथ हमजोली की तरह तिरते जाना, फिर मगरमच्छ की भूखी नज़रों का सामना करना और आगे जाकर समन्दर की लहरों के बीच ऑक्टोपस के विकराल शिकंजे में दमघोंटू पल बिताना, सब कुछ चित्रों में भी उतना ही सजीव और गहनता के साथ आया है।
विशाल समन्दर के अथाह पानी में ऑक्टोपस की चढ़ी हुई आँखें, लाल भूरा दहकता हुआ मांसल शरीर, और और उसकी भुजाओं में दबी हुई नन्हीं कश्ती देखकर आपको सिहरन हो जाए तो अचरज नहीं।
उठती लहरों के बीच बादलों से कड़कती बिजली की डोर पकड़कर कश्ती ने असामान की सैर भी उसी शिद्दत से की है जैसे नदी नाले का सफर काटा है। फिर पहाड़ से लुढ़कते हुए रेगिस्तान में रेत के टीले से फिसलना भी कश्ती का ही खेल है। लेकिन हवा में उड़कर पानी के सैलाब में फिर से आना और हिलते बहकते हुए तिरते रहना शायद अब कश्ती को रास नहीं आया है। इसलिए अपने पंख खोलकर कश्ती से हवाई जहाज बनते हुए खुले आसमान की सैर पर निकल जाना चाहती है हमेशा के लिए। कश्ती का यह सफर एक शब्दहीन कविता की माफिक है।
Title: कश्ती/Kashti
Illustrator: Nishith Mehta @nishith87
Publisher: Eklavya @eklavya_pitara
Year of publishing: 2020
Review by Anil @anil5622singh
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किसी शहर के नाले से बहकर गुजरते हुए फिर नदी में गिरना कश्ती के लिए उन देखे अनदेखे किरदारों से मिलने का अनुभव है जो अपने अपने इलाकों की पहचान हैं। नाले में प्लास्टिक की बॉटल के साथ हमजोली की तरह तिरते जाना, फिर मगरमच्छ की भूखी नज़रों का सामना करना और आगे जाकर समन्दर की लहरों के बीच ऑक्टोपस के विकराल शिकंजे में दमघोंटू पल बिताना, सब कुछ चित्रों में भी उतना ही सजीव और गहनता के साथ आया है।
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उठती लहरों के बीच बादलों से कड़कती बिजली की डोर पकड़कर कश्ती ने असामान की सैर भी उसी शिद्दत से की है जैसे नदी नाले का सफर काटा है। फिर पहाड़ से लुढ़कते हुए रेगिस्तान में रेत के टीले से फिसलना भी कश्ती का ही खेल है। लेकिन हवा में उड़कर पानी के सैलाब में फिर से आना और हिलते बहकते हुए तिरते रहना शायद अब कश्ती को रास नहीं आया है। इसलिए अपने पंख खोलकर कश्ती से हवाई जहाज बनते हुए खुले आसमान की सैर पर निकल जाना चाहती है हमेशा के लिए। कश्ती का यह सफर एक शब्दहीन कविता की माफिक है।
Title: कश्ती/Kashti
Illustrator: Nishith Mehta @nishith87
Publisher: Eklavya @eklavya_pitara
Year of publishing: 2020
Review by Anil @anil5622singh
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एक कश्ती का रोमांचक सफर आपको भी विविध अनुभवों से गुजरने के मौके दे सकता है; वह भी बिना कुछ कहे।
किसी शहर के नाले से बहकर गुजरते हुए फिर नदी में गिरना कश्ती के लिए उन देखे अनदेखे किरदारों से मिलने का अनुभव है जो अपने अपने इलाकों की पहचान हैं। नाले में प्लास्टिक की बॉटल के साथ हमजोली की तरह तिरते जाना, फिर मगरमच्छ की भूखी नज़रों का सामना करना और आगे जाकर समन्दर की लहरों के बीच ऑक्टोपस के विकराल शिकंजे में दमघोंटू पल बिताना, सब कुछ चित्रों में भी उतना ही सजीव और गहनता के साथ आया है।
विशाल समन्दर के अथाह पानी में ऑक्टोपस की चढ़ी हुई आँखें, लाल भूरा दहकता हुआ मांसल शरीर, और और उसकी भुजाओं में दबी हुई नन्हीं कश्ती देखकर आपको सिहरन हो जाए तो अचरज नहीं।
उठती लहरों के बीच बादलों से कड़कती बिजली की डोर पकड़कर कश्ती ने असामान की सैर भी उसी शिद्दत से की है जैसे नदी नाले का सफर काटा है। फिर पहाड़ से लुढ़कते हुए रेगिस्तान में रेत के टीले से फिसलना भी कश्ती का ही खेल है। लेकिन हवा में उड़कर पानी के सैलाब में फिर से आना और हिलते बहकते हुए तिरते रहना शायद अब कश्ती को रास नहीं आया है। इसलिए अपने पंख खोलकर कश्ती से हवाई जहाज बनते हुए खुले आसमान की सैर पर निकल जाना चाहती है हमेशा के लिए। कश्ती का यह सफर एक शब्दहीन कविता की माफिक है।
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✉️ A Letter from Laziness ✉️
Have you ever stopped to wonder if your laziness is trying to tell you something? Well, mine wrote to me, explaining the real reasons behind procrastination, resistance, and self-doubt—and how listening to it can help me work smarter, not harder.
It says, “I’m not your enemy. I’m like a gyroscope within you keeping you stable through rough waters! When I slow you down, distract you, or make you feel like lying flat on the couch instead of tackling that ambitious to-do list, I’m not sabotaging you. I’m holding up a sign, saying, “Pay attention!” Because beneath my seemingly slothful exterior lies a deep connection to your fears, resistance, and even your aspirations.”
This isn’t about glorifying laziness but about reframing it. What if your “lazy moments” are opportunities to recalibrate, rethink, and refocus? Instead of treating procrastination as the enemy, can we use it to create a system that balances productivity with creativity and joy?
Let me know—how do you manage your laziness? Is it a roadblock, or have you found ways to turn it into a guiding force for better work and life?
🌟 Read the full article here:
https://medium.com/@nishith.mehta1987/yours-truly-laziness-e5db6f8f01b9
#Laziness #Reflection #Productivity #Creativity #SelfImprovement #WorkLifeBalance

Both are needed for a successful #trek
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Look far... Feel close!
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Get it?
Almost caught up!
#inktober #inktober2024 #characterdesign #characterillustration #illustration

I have always favoured a certain way of anthropomorphic characters. Can't quite put a finger on it.Can't quite define it. Maybe some day I'll be clear about it...
#inktober2024 #inktober #boots #creative #illustration #characterdesign

When you read enough, it feels like the books know each other... And when one idea appears to fit in a book of a completely different topic, something clicks!
#inktober2024 #inktober #loveofreading #discover
#awesome
#studioday2024 was a celebration of creativity! It is truly exhilarating to be part of the journey with @isdimumbai @atlasskilltechuniversity
#design #designeducation #historyindesign

A tad late to the party!
#latepost #inktober2024 #illustration #characterdesign #backpack
스토리-세이브.com은 사용자들이 인스타그램에서 스토리, 사진, 비디오, IGTV 등을 직접 다운로드하고 저장할 수 있게 도와주는 직관적인 온라인 도구입니다. Story-Save를 사용하면 인스타그램에서 다양한 콘텐츠를 쉽게 다운로드하고 인터넷 없이도 편리하게 볼 수 있습니다. 인스타그램에서 흥미로운 내용을 발견하고 나중에 보기 위해 저장하고 싶을 때 이 도구가 완벽합니다. Story-Save를 사용하여 인스타그램의 소중한 순간을 놓치지 마세요!
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